चक्रवाती तूफान अर्णब से बदला मौसम, बारिश ने गिराया पारा; चार साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन

“Delhi Weather Update: चक्रवाती तूफान अर्णब और पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-NCR में भारी बारिश हुई। अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री पहुंचा, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम है। चार साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।“

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर साफ दिखाई देने लगा है। बंगाल की खाड़ी से आए चक्रवाती तूफान और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर का मौसम अचानक बदल गया। गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और राजधानी के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा के चलते तापमान में गिरावट आई और दिल्ली में चार साल के दौरान अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।

मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है, लेकिन तापमान में अचानक गिरावट के कारण ठंड का एहसास भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को मौसम की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग समय पर येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए थे। शुक्रवार को भी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया।

बारिश के बाद सामान्य से 5.6 डिग्री नीचे पहुंचा अधिकतम तापमान

दिल्ली में बारिश का असर तापमान पर साफ दिखाई दिया। गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम रहा। अक्टूबर के मौसम में तापमान का इस स्तर तक गिरना पिछले चार वर्षों में दर्ज सबसे ठंडे दिनों में शामिल रहा।

इससे पहले 8 अक्टूबर 2022 को दिल्ली का अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, गुरुवार को न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था।

तापमान में आई इस गिरावट से सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण दिन के समय भी लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी।

दिल्ली के इन इलाकों में सबसे ज्यादा हुई बारिश

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन (AWS) नेटवर्क के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 8:30 बजे से शुक्रवार सुबह 6 बजे तक दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न निगरानी केंद्रों पर बारिश की मात्रा में काफी अंतर रहा।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के झारोदा कलां में सबसे अधिक 89 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद लोदी रोड में 63 मिमी और सफदरजंग में 56.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा राजधानी के कई अन्य इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई। जनकपुरी में 35.5 मिमी, नारायणा में 44.5 मिमी, पूसा में 41.5 मिमी, पीतमपुरा में 42.5 मिमी और प्रगति मैदान में 40.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR के बारिश के आंकड़े

मौसम केंद्रदर्ज बारिश
झारोदा कलां89.0 मिमी
लोदी रोड63.0 मिमी
सफदरजंग56.5 मिमी
नारायणा44.5 मिमी
पीतमपुरा42.5 मिमी
पूसा41.5 मिमी
प्रगति मैदान40.9 मिमी
जनकपुरी35.5 मिमी
जाफरपुर1.0 मिमी
मयूर विहार9.0 मिमी

एनसीआर के दूसरे इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। गुरुग्राम में 36 मिमी, झज्जर में 47 मिमी, मुरादनगर में 35 मिमी और गाजियाबाद के कमला नेहरू नगर में 41 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी गुरुग्राम में 30 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।

कुछ मौसम केंद्रों का आंकड़ा रिपोर्ट तैयार होने तक उपलब्ध नहीं था।

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के संयुक्त असर से बदला मौसम

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी से सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्णब और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव बताया गया है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर भारत के मौसम में बदलाव आया और दिल्ली-एनसीआर में बादलों की सक्रियता बढ़ गई।

बुधवार रात से ही राजधानी के आसमान में बादल छाने लगे थे। इसके बाद गुरुवार को कई इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात तक जारी रहा। शुक्रवार सुबह भी दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

अचानक ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े

बारिश के बाद तापमान में अचानक गिरावट का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बारिश में भीगने से बचना, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना और मौसमी संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

शुक्रवार को भी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को भी मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कई इलाकों में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश हो सकती है।

ऐसे में वाहन चालकों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी जाती है। मौसम में लगातार बदलाव के बीच लोगों को तापमान और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।

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