कूड़े के ढेर से बना टूरिस्ट डेस्टिनेशन, गोरखपुर में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण पर बोले CM योगी

लोक-कल्याणकारी योजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संदेश—साफ नियत और दृढ़ संकल्प से बदली जा सकती है शहर की तस्वीर

Gorakhpur Development Projects Inauguration: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शहर के विकास मॉडल की सराहना की। 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे की जगह बने पार्क को स्वच्छता और 3R मॉडल का उदाहरण बताया।

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शहर में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इच्छाशक्ति और साफ नियत हो तो किसी भी क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब लखनऊ या वाराणसी की ओर से गोरखपुर में प्रवेश करते ही लोगों का सामना कचरे के ढेर से होता था। उन्होंने कहा कि यह दृश्य बेहद खराब लगता था, लेकिन धीरे-धीरे प्रशासन और स्थानीय टीम के प्रयासों से हालात बदले और अब वही स्थान शहर की पहचान बन चुका है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उस स्थान का जिक्र किया जहां कभी लाखों मीट्रिक टन कूड़ा जमा रहता था। उन्होंने बताया कि लगभग 2 लाख 26 हजार मीट्रिक टन कचरे वाले क्षेत्र को विकसित कर पार्क और पर्यटन स्थल के रूप में बदला गया है। अब वहां बच्चों के खेलने, योग और ध्यान जैसी गतिविधियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल भौतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि गोरखपुर के लोगों के विश्वास, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और टीमवर्क का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब नियत साफ होती है तो नियति बदलने में अधिक समय नहीं लगता।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने 3R—Reduce, Reuse और Recycle की अवधारणा को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को कचरा प्रबंधन और संसाधनों के पुनः उपयोग के प्रति जागरूक करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना में उपयोग किए गए कई निर्माण तत्व वेस्ट मैटेरियल से तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह “वेस्ट टू आर्ट” की सोच का उदाहरण है, जहां बेकार समझे जाने वाले पदार्थों को उपयोगी और आकर्षक रूप दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए क्विज प्रतियोगिता और रील्स प्रतियोगिता जैसे माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि स्वच्छता का संदेश घर-घर तक पहुंचे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से शहर में आधारभूत ढांचे, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी और प्रशासनिक प्रतिबद्धता से ही स्थायी विकास संभव है।

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स्टेट हेड संजीव श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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