“मोहसिन किदवई निधन: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिन किदवई का निधन हो गया। जानें उनके राजनीतिक सफर और अंतिम संस्कार की जानकारी।“
लखनऊ/नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थीं और नोएडा के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
मोहसिना किदवई का राजनीतिक जीवन लंबे समय तक सक्रिय और प्रभावशाली रहा। उन्होंने 1976 से 1980 के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पार्टी का नेतृत्व उस दौर में किया, जब संगठन कई चुनौतियों से गुजर रहा था। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने संगठन को मजबूती प्रदान की और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाए रखी।
उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक कांग्रेस पार्टी की सेवा पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ की। अपने लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
मोहसिना किदवई अपनी सादगी, सौम्यता और कार्यकर्ताओं के प्रति सहज उपलब्धता के लिए जानी जाती थीं। उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विशेष सम्मान प्राप्त था। वह हर स्तर के कार्यकर्ता से आत्मीयता से मिलती थीं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनती थीं।
उनके करीबी और राजनीतिक सहयोगियों ने बताया कि वह बेहद सहृदय और परोपकारी स्वभाव की थीं। निजी जीवन में भी उनका व्यवहार पारिवारिक और स्नेहपूर्ण रहा, जिसके चलते लोग उन्हें प्रेम से “भाभी जान” कहकर संबोधित करते थे।
उनका अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे दिल्ली में किया जाएगा, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। देशभर के राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
मोहसिना किदवई के निधन से भारतीय राजनीति ने एक अनुभवी, समर्पित और जनप्रिय नेता को खो दिया है, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









