PM मोदी ने बजट सत्र में सांसदों को गाइड किया, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत के लिए संदेश

PM Modi Advice to MPs: “संसद के बजट सत्र की शुरुआत में पीएम मोदी ने सभी सांसदों को राष्ट्रपति के अभिभाषण को गंभीरता से लेने की सलाह दी। भारत-ईयू ट्रेड डील और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर भी पीएम ने साझा किया दृष्टिकोण।

हाइलाइट्स :

  • पीएम मोदी ने सांसदों को राष्ट्रपति के अभिभाषण को गंभीरता से लेने की सलाह दी
  • भाषण में 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास और युवाओं की आकांक्षाओं का उल्लेख
  • भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र
  • विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए अगले 25 वर्षों के महत्वपूर्ण चरण का संकेत
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की 9वीं बार बजट पेश करने की उपलब्धि

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार 29 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को राष्ट्रपति के अभिभाषण को गंभीरता से समझने और उसका पालन करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का भाषण 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास और आकांक्षाओं, विशेषकर युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी सांसदों ने सत्र की शुरुआत और 2026 के लिए बताई गई उम्मीदों और मार्गदर्शन को गंभीरता से लिया होगा।

विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव

पीएम मोदी ने 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीतने का उल्लेख करते हुए कहा कि अब अगले 25 वर्षों का निर्णायक चरण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा—

“सदी के इस दूसरे चौथाई हिस्से का पहला बजट पेश होने वाला है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार 9वीं बार संसद में बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं।

भारत-ईयू ट्रेड डील पर पीएम मोदी का बयान

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हाल ही में साइन किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से देश की अर्थव्यवस्था और युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।

“यह तिमाही आत्मविश्वास और उत्पादकता से भरे भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। खासकर भारतीय मैन्युफैक्चरर्स इसे अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करेंगे।”

लोकतंत्र और ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’

पीएम मोदी ने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं को सिर्फ फाइलों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि लोगों की ज़िंदगी तक पहुँचाना होगा। उन्होंने कहा—

“हमें ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ में अगली पीढ़ी के सुधारों के ज़रिए इस परंपरा को आगे बढ़ाना है। लोकतंत्र में विभिन्न दृष्टिकोण होना स्वाभाविक है, लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा अंतिम मील डिलीवरी पर रही है।”

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