
“राहुल गांधी पर FIR के मामले में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उत्तराखंड के कथित शुद्धिकरण विवाद में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे की निंदा करते हुए उन्होंने भाजपा को दलित विरोधी बताया और कहा कि उसकी हार तय है।“
लखनऊ। उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस मामले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में एफआइआर दर्ज किए जाने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।
राहुल गांधी पर FIR को लेकर अखिलेश ने जताई नाराजगी
सोमवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान अखिलेश यादव से राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में सपा अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई को लेकर वे स्वयं पीड़ित हैं। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखा।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तराखंड में जिस मामले को लेकर राहुल गांधी ने भाजपा पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की थी, उसी मामले में उनके खिलाफ ही एफआइआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से भाजपा की राजनीतिक सोच पर सवाल खड़े होते हैं।
भाजपा पर लगाया दलित विरोधी सोच का आरोप
सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर दलित विरोधी सोच रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद संबंधित स्थल के कथित शुद्धिकरण का मामला सामने आया था। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला बोला था और मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की ऐसी सोच का विरोध होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित समाज के प्रति भाजपा की सोच उत्तराखंड में सामने आई है और इसी वजह से राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एक्स पर भी भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस मामले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि भाजपा की दलित विरोधी सोच ही उत्तराखंड में मंच धुलवाती है और नेता प्रतिपक्ष पर एफआइआर करवाती है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को घोर निंदनीय बताया।
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि भाजपा ने अपनी हार के पराजय-पत्र पर खुद ही दस्तखत कर दिए हैं। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक मुकाबले के संदर्भ में भाजपा पर सीधा हमला माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन
राहुल गांधी के खिलाफ एफआइआर को लेकर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक गठबंधन है। ऐसे में कांग्रेस नेता के खिलाफ हुई कार्रवाई पर सपा अध्यक्ष का खुलकर समर्थन करना विपक्षी एकजुटता का संकेत भी माना जा रहा है।
हालांकि, उत्तराखंड के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या दिशा लेती है, यह जांच और संबंधित कानूनी कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
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