लखनऊ के युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह मौत मामले में बड़ा खुलासा, डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी पुलिस जांच

लखनऊ के नोवोटेल होटल में मृत मिले युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की मौत की जांच तेज हो गई है। पुलिस बैंक खातों, WhatsApp चैट, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कारोबारी चंद्रभूषण मिश्रा समेत चार लोगों पर केस दर्ज है।

लखनऊ। राहुल सिंह मौत केस की जांच अब डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। विभूतिखंड स्थित नोवोटेल होटल में मृत मिले युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। विवेचना के तहत राहुल सिंह और नामजद कारोबारी चंद्रभूषण मिश्रा के बैंक खातों, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और WhatsApp चैट की गहन पड़ताल की जा रही है।

पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्य और बैंक लेनदेन इस मामले की अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।

बैंक खातों और चैट की जांच

जांच अधिकारियों ने राहुल सिंह के भाई रोहित से उनके बैंक खातों का पूरा विवरण मांगा है। वहीं आरोपी कारोबारी चंद्रभूषण मिश्रा और उनके परिवार के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस को राहुल के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनमें आरोपी पक्ष के साथ हुई WhatsApp चैट, रुपये के लेनदेन और अन्य बातचीत शामिल है। इनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

कारोबारी परिवार को भेजे जाएंगे नोटिस

इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के अनुसार, कारोबारी चंद्रभूषण मिश्रा, उनके बेटे तपिष मिश्रा, उदित मिश्रा और बेटी तारिणी मिश्रा को जल्द नोटिस जारी कर पूछताछ की जाएगी।

फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, इसलिए गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

महाराजगंज जिले के सिसवा क्षेत्र निवासी 22 वर्षीय युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह का शव बीते सप्ताह लखनऊ के नोवोटेल होटल के कमरे में मिला था।

परिजनों ने आरोप लगाया कि राहुल ने ड्रोन इंजीनियरिंग से जुड़े एक प्रोजेक्ट का सौदा नोएडा के कारोबारी चंद्रभूषण मिश्रा से 85 लाख रुपये में किया था। आरोप है कि कारोबारी ने 65 लाख रुपये लेने के बाद सौदा रद्द करने और पैसे वापस करने का दबाव बनाया, जिससे राहुल मानसिक तनाव में थे।

परिवार का यह भी आरोप है कि राहुल को लगातार धमकियां मिल रही थीं और कई अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

परिजनों की तहरीर पर विभूतिखंड पुलिस ने चंद्रभूषण मिश्रा, तपिष मिश्रा, उदित मिश्रा और तारिणी मिश्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मामला दर्ज किया है।

डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा ने बताया कि मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी है।

MMUT के प्रोफेसर का नाम भी चर्चा में

इस मामले में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMUT), गोरखपुर के एक वरिष्ठ प्रोफेसर का नाम भी सामने आया है। राहुल की मां और बहन ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी किसी के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

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