प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर, SGPGI निदेशक साइकिल से पहुंचे कार्यालय

प्रो. आर.के. धीमान बोले- परिसर में मोटर वाहनों का उपयोग कम करना संस्थान का दीर्घकालिक लक्ष्य

लखनऊ SGPGI के निदेशक पद्मश्री प्रो. आरके धीमान सरकारी गाड़ी छोड़ साइकिल से कार्यालय पहुंचे। संस्थान में साइकिलिंग और पैदल चलने को बढ़ावा देने के लिए 7-8 साइकिल स्टैंड बनाए जाएंगे और कर्मचारियों को ग्रीन ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के निदेशक पद्मश्री प्रो. आरके धीमान गुरुवार को सरकारी गाड़ी छोड़कर साइकिल से अपने कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोलियम उत्पादों की बचत और पर्यावरण संरक्षण संबंधी आह्वान से प्रेरित है।

प्रो. आरके धीमान ने बताया कि उनका आवास कार्यालय से करीब 600 मीटर की दूरी पर है, इसलिए उन्होंने स्वयं साइकिल चलाकर कर्मचारियों और छात्रों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि अब वह कार्यालय से लेकर ओपीडी तक साइकिल का ही इस्तेमाल करेंगे।

निदेशक ने स्पष्ट किया कि SGPGI में यह केवल प्रतीकात्मक पहल नहीं बल्कि दीर्घकालिक “ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन” का हिस्सा है। इसके तहत संस्थान परिसर में मोटर वाहनों के उपयोग को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि परिसर के भीतर रहने वाले कर्मचारियों और 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले स्टाफ को भी साइकिल से कार्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जहां तक संभव होगा, कर्मचारियों को पैदल चलने और साइकिल से आवागमन को प्राथमिकता देने के लिए कहा जाएगा।

इस पहल को मजबूती देने के लिए SGPGI प्रशासन परिसर के प्रमुख स्थानों पर 7 से 8 साइकिल स्टैंड स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही कर्मचारियों और छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए जल्द ही एक साइकिल रैली भी आयोजित की जाएगी।

प्रो. आरके धीमान ने कहा कि इस अभियान से न केवल पेट्रोलियम उत्पादों की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण कम होगा और कर्मचारियों व छात्रों के स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। उन्होंने SGPGI को “ग्रीन कैंपस” बताते हुए कहा कि संस्थान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में लगातार काम करता रहेगा।

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