मधेपुरा के सिंहेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़, पांच श्रद्धालु घायल; सिर में गंभीर चोट से एक की हालत नाजुक

सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सावन की चौथी सोमवारी पर पट खुलते ही भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मधेपुरा में पांच श्रद्धालु घायल हुए, एक की हालत गंभीर है और पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए।

मधेपुरा। सावन की चौथी सोमवारी पर बिहार के मधेपुरा स्थित प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सोमवार तड़के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मंदिर का मुख्य द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं में आगे बढ़ने की होड़ मच गई। देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई और करीब 15 मिनट तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।

इस घटना में कम से कम पांच श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को तत्काल जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मधेपुरा में भर्ती कराया गया। इनमें एक श्रद्धालु के सिर में गंभीर चोट लगी है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

ग्रिल से टकराकर गिरा श्रद्धालु, सिर में आई गंभीर चोट

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के दबाव में कई श्रद्धालु अपना संतुलन खो बैठे। इसी दौरान एक श्रद्धालु ग्रिल से टकराकर नीचे गिर गया। उसके सिर में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है। घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल रहा।

भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब आधे दर्जन पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।

रात 12:30 बजे शुरू हुई सरकारी पूजा

जानकारी के मुताबिक सिंहेश्वरनाथ मंदिर में सावन की चौथी सोमवारी को लेकर रात करीब 12:30 बजे सरकारी पूजा शुरू हुई थी। इसके बाद रात करीब एक बजे बाबा का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। मंदिर के बाहरी परिसर में मुख्य द्वार के बगल से श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से प्रवेश कराया जा रहा था।

श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। तड़के करीब चार बजे मुख्य द्वार के आसपास भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसके बाद अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

कई श्रद्धालु चोटिल, अस्पताल में चल रहा इलाज

घटना में सुपौल के सिंटू कुमार, सहरसा के जलसीमा क्षेत्र की रूना देवी, मधेपुरा के ग्वालपाड़ा की सुलेना देवी और एक अज्ञात महिला श्रद्धालु के घायल होने की जानकारी दी गई है। इनके अलावा भी कई श्रद्धालुओं के चोटिल होने की बात सामने आई है।

बताया गया है कि चार श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों के चोटिल होने की भी सूचना है। सभी घायलों का मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया जा रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में गंभीर रूप से घायल श्रद्धालु का उपचार जारी है।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

अफरातफरी की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ श्रद्धालुओं को कतार में लगाने का प्रयास किया। कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है।

सावन की सोमवारी के कारण सिंहेश्वरनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना पहले से थी। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और प्रवेश व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत थी। घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चुनौती

सावन की सोमवारी पर बाबा सिंहेश्वरनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य द्वार खुलने के समय भीड़ का दबाव अचानक बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज कराने और मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने की है।

घटना के बाद श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और प्रशासन द्वारा निर्धारित कतार एवं प्रवेश व्यवस्था का पालन करने की अपील की जा रही है।

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