चरखी पॉक्सो मामले में बृजभूषण शरण को कोर्ट से राहत, महाबीर फोगाट ने कहा, ‘अदालत का फैसला अंतिम और सर्वमान्य है’

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क

चरखी दादरी: भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पॉक्सो मामले को बंद करने के दिल्ली की एक अदालत के फैसले पर द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता और कुश्ती कोच महाबीर सिंह फोगट ने कहा कि अदालत का फैसला अंतिम और सर्वमान्य है। कुश्ती कोच महाबीर सिंह फोगट ने मंगलवार को समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि कोर्ट के फैसले पर संदेह नहीं कर सकते हैं। हालांकि, जब कोई केस करता है तो उसे उम्मीद होती है कि वह केस जीतेगा। जब केस हारते हैं तो यकीनन हौसला तो टूटता ही है। महाबीर फोगाट ने कहा कि इस मामले में पीड़िता के माता-पिता की ओर से पहले ही केस वापस ले लिया गया था। दूसरी ओर कोर्ट के फैसले पर बृजभूषण शरण सिंह के बेटे और भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने पिता की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “यह न्याय और सत्य की निर्णायक जीत है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। न्यायपालिका जिंदाबाद, नेताजी जिंदाबाद।“ बृजभूषण सिंह के बेटे प्रतीक सिंह ने लिखा, “हमने एक झूठे और मनगढ़ंत मामले में न्यायिक विजय प्राप्त की है। प्रत्येक तथ्यहीन आरोप अब न्याय के कठघरे में धराशायी हो रहा है। यह सत्य की जीत है और यह जीत आगे भी कायम रहेगी। बता दें कि अदालत ने सोमवार को यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) गोमती मनोचा ने बताया कि क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की गई है। ज्ञात हो कि भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक सहित अन्य पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर मोर्चा खोल दिया था। पहलवानों ने कुश्ती संघ से सिंह को बाहर निकालने की मांग की थी। पहलवानों ने दावा किया था कि सिंह ने एक नहीं बल्कि कई महिला पहलवानों का उत्पीड़न किया था। सिंह के खिलाफ कई दिनों तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहा था। हालांकि, धीरे-धीरे यह राजनीतिक दलों का अखाड़ा बन गया। कांग्रेस-आम आदमी पार्टी सहित अन्य दलों के नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

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