यूपी: BRD मेडिकल कॉलेज से एक माह की बच्ची लापता, मां के फोन में मिले बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले वीडियो; जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एक माह की नवजात बच्ची के लापता होने का मामला सामने आया है। बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, बच्ची की मां के बार-बार बयान बदलने और सीसीटीवी फुटेज में सामने आए तथ्यों के बाद जांच को कई दिशाओं में आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस और अन्य टीमें बच्ची की तलाश में जुटी हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था।

इलाज के दौरान मां को सौंपी गई थी बच्ची

जानकारी के मुताबिक, संतकबीरनगर के गोपालपुर की रहने वाली रोशनी की एक माह की बेटी काव्या का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। तबीयत में सुधार के बाद सोमवार को बच्ची को दूध पिलाने के लिए उसकी मां को सौंपा गया था।

करीब दो घंटे बाद डॉक्टरों को वार्ड में मां और बच्ची नहीं मिलीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बाद में बच्ची की मां मिल गई, लेकिन वह बच्ची के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। उसके अलग-अलग बयानों के कारण पुलिस ने पूछताछ शुरू की।

प्यारेलाल पार्क और रेलवे स्टेशन पर तलाश

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिला ने पहले बताया कि उसने बच्ची को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय के सामने स्थित प्यारेलाल पार्क में छोड़ दिया है। पुलिस टीम ने पार्क और आसपास की झाड़ियों में तलाशी ली, लेकिन बच्ची नहीं मिली।

इसके बाद महिला ने अपना बयान बदलते हुए बच्ची को रेलवे स्टेशन के डस्टबिन में छोड़ने की बात कही। पुलिस डॉग स्क्वॉड और गुलरिहा थाने की टीम के साथ रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां प्लेटफॉर्मों पर रखे डस्टबिन और कूड़ेदानों की तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

सीसीटीवी फुटेज में क्या दिखा?

पुलिस की जांच में सामने आया है कि सोमवार सुबह 8:51 बजे महिला वार्ड से बच्ची को लेकर निकलती दिखाई दी। इसके करीब दस मिनट बाद, सुबह 9:01 बजे, वह अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, इस समय उसके हाथ में एक झोला और ऊनी तौलिया दिखाई दे रहा था, लेकिन बच्ची नजर नहीं आ रही थी।

जांच में यह भी सामने आया कि महिला ने अपने पति को फोन कर खाना खाने जाने की बात कही थी। बाद में वह ऑटो से रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से पति को फोन करके बच्ची के गायब होने की जानकारी दी। इसके बाद पति उसे लेकर मेडिकल चौकी पहुंचा।

पुलिस अस्पताल परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि बच्ची को किसी अन्य व्यक्ति को सौंपा गया था या उसे किसी दूसरी जगह छोड़ा गया।

मोबाइल हिस्ट्री में मिले बच्चों से जुड़े वीडियो

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को महिला के मोबाइल की हिस्ट्री में बच्चों को नुकसान पहुंचाने से संबंधित कई वीडियो मिले हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, महिला पिछले दो दिनों से ऐसे वीडियो देख रही थी। हालांकि, इन वीडियो के मामले से सीधे संबंध और उनके पीछे की वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पूछताछ के दौरान महिला ने अपनी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात भी कही है। पुलिस उसके बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। केवल इन बयानों या मोबाइल हिस्ट्री के आधार पर बच्ची के साथ हुई किसी घटना की पुष्टि नहीं की जा सकती।

पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटीं

एसपी सिटी निमिष पाटील के मुताबिक, महिला के बयान बार-बार बदलने के कारण मामले की सभी संभावित दिशाओं से जांच की जा रही है। अस्पताल परिसर की सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ पुलिस टीमों को बच्ची की तलाश में लगाया गया है।

फिलहाल बच्ची का पता नहीं चल पाया है। पुलिस की प्राथमिकता उसे सुरक्षित ढूंढना और घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाना है।

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