
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इस कार्यक्रम के जरिए चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक ड्रामा और लोकतंत्र का मजाक बताया है। इस मुद्दे पर कई नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।
जगदंबिका पाल ने मॉक पार्लियामेंट पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इंडिया गठबंधन के सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम के तहत आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के लोग पहली बार इस तरह की मॉक पार्लियामेंट देख रहे हैं। उनके मुताबिक, संसदीय लोकतंत्र में मॉक पार्लियामेंट का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि संसद में सांसद या तो सत्ता पक्ष में होते हैं या विपक्ष में। सभी सांसदों को जनता चुनकर संसद भेजती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सरकार चुनती है और अपने प्रतिनिधियों को लोकसभा में भेजकर देश की नीतियों और मुद्दों पर चर्चा का अवसर देती है।

वी. शिवदासन ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप
सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन ने इंडिया गठबंधन के कार्यक्रम का समर्थन किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि वे आरएसएस और भाजपा के हितों के लिए काम कर रहे हैं। शिवदासन ने कहा कि उन्हें इतने बड़े संवैधानिक पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। उनके मुताबिक, सीपीआई (एम) और वामपंथी दल इस मुद्दे पर व्यापक अभियान चला रहे हैं।
संजय जायसवाल बोले- यह नाटक है
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने विपक्ष के प्रस्तावित कार्यक्रम पर तंज कसते हुए इसे नाटक बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने संसद के पूरे मानसून सत्र को चलने नहीं दिया और अब संसद के बाहर मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर रहा है।
जायसवाल ने कहा कि विपक्ष को संसद के भीतर अपनी बात रखनी चाहिए थी। एक तरफ संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी जाती है और दूसरी तरफ बाहर अलग संसद चलाने की कोशिश होती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए दुखद बताया।
राम कदम ने कहा- महाभियोग को राजनीतिक ड्रामा न बनाएं
महाराष्ट्र के भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि महाभियोग एक गंभीर संवैधानिक प्रक्रिया है, इसे राजनीतिक ड्रामे में नहीं बदलना चाहिए। अगर विपक्ष को कोई आपत्ति है तो उसे न्यायपालिका का रुख करना चाहिए या चुनाव आयोग को सबूत देने चाहिए।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की विपक्ष की मांग पर भी उन्होंने सवाल उठाए। राम कदम ने दावा किया कि चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों पर बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराता है।
श्याम रजक ने भी विपक्ष पर साधा निशाना
जेडीयू विधायक श्याम रजक ने भी विपक्ष के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष बैलेट पेपर और ईवीएम, दोनों से हुए चुनाव हार चुका है और अब अपनी हार के लिए अलग-अलग मुद्दे उठा रहा है।
श्याम रजक ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता से दूर होता जा रहा है। जनता की समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय वह दूसरे मुद्दों में उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी बैठक करना चाहता है तो कर सकता है, लेकिन जनता उससे पहले ही दूरी बना चुकी है।
सुशील कुमार सिंह ने कार्यक्रम को बताया लोकतंत्र का मजाक
भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने भी इंडिया गठबंधन के कार्यक्रम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित करना देश के लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है।
सुशील सिंह ने इसे नाटकीय प्रदर्शन बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का जनता और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट और संसद जैसी संस्थाओं का भी सम्मान नहीं करता। उनके मुताबिक, इस तरह के राजनीतिक कार्यक्रम सफल नहीं होंगे।







