
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लखनऊ पहुंचे। यहां एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनका स्वागत किया।
इसके बाद डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय के सभागार में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हुई। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का शुभारंभ अमित शाह ने किया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के अलावा विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी, जितिन प्रसाद सहित पार्टी के कई नेता, मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए।
चुनावी एजेंडे और संगठन की मजबूती पर होगा मंथन
अमित शाह की मौजूदगी में हो रही इस बैठक में संगठन की मजबूती, सरकार के कामकाज और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। बैठक में पेश होने वाले राजनीतिक प्रस्ताव के जरिए पार्टी अपनी चुनावी तैयारियों और आगे के एजेंडे को सामने रखेगी।
तीन सत्रों में होने वाली बैठक के दूसरे सत्र में राजनीतिक एजेंडे, चुनावी तैयारियों और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। जिन क्षेत्रों और बूथों पर पार्टी की स्थिति कमजोर है, वहां संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

राजनीतिक प्रस्ताव में केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, सेवा, गरीब कल्याण और सरकार के प्रमुख फैसलों को भी प्रमुखता से रखा जाएगा। विधानसभा चुनाव से पहले इस बैठक को संगठन की तैयारियों का जायजा लेने और कार्यकर्ताओं तक चुनावी संदेश पहुंचाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
‘जहां कमजोर, वहां ज्यादा जोर’ के मंत्र पर काम
कार्यसमिति की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और प्रदेश सह-प्रभारियों मेधा कुलकर्णी, अनंत ओझा और प्रदीप वर्मा ने भी हिस्सा लिया। बैठक में कार्यक्रम के एजेंडे और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
पंकज चौधरी ने कहा कि पार्टी ‘जहां कमजोर, वहां ज्यादा जोर’ के मंत्र के साथ काम करेगी। उन्होंने बताया कि बैठक को व्यवस्थित बनाने के लिए पंजीकरण, भोजन, यातायात और सजावट सहित सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रस्ताव में संगठन के कामकाज, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और आगामी एजेंडे को रखा जाएगा।
वहीं, धर्मपाल सिंह ने कहा कि आयोजन को ऐतिहासिक, अनुशासित और व्यवस्थित बनाने के लिए पहले से तैयारी, माइक्रो मैनेजमेंट और टीमवर्क के साथ काम करना जरूरी है।








