
बरेली में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। भाजपा की ओर से दावा किया गया कि पदयात्रा में जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों समेत करीब 30 हजार लोगों ने हिस्सा लिया।
पदयात्रा से पहले जेपी नड्डा ने जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव में हार मिलने पर इसका ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ता है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगता है। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट चोरी का रिकॉर्ड बनाया है और बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट बनवाकर चुनाव जीतती रही है। अब जब ऐसे नाम हटाए जा रहे हैं तो विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।
जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयोग के प्रमुखों को राज्यपाल और अन्य महत्वपूर्ण पद दिए जाते थे, लेकिन अब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर का मुद्दा उठाकर उन्होंने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया है। नड्डा ने कहा कि देश को घुसपैठिये नहीं चलाएंगे और जनता विपक्ष को इसका जवाब देगी।

विपक्ष को किसानों की चिंता नहीं: जयंत चौधरी
केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं को किसानों की समस्याओं और जरूरतों की सही जानकारी नहीं है। विपक्ष ने कभी किसानों के बीच जाकर उनकी परेशानियों को समझने और उठाने का काम नहीं किया।
जयंत चौधरी ने कहा कि आज विपक्ष इथेनॉल का विरोध कर रहा है, लेकिन गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की बात नहीं करता। उन्होंने अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह विपक्ष में थे, तब गन्ने का मूल्य घोषित होने के बाद उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। उनके मुताबिक, उस समय मुख्यमंत्री को गन्ने के मूल्य निर्धारण की जानकारी तक नहीं थी।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान एनडीए में शामिल होते समय उन्होंने किसानों से वादा किया था कि प्रदेश सरकार गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक देगी। उनके अनुसार, सरकार ने यह वादा पूरा किया है। जयंत चौधरी ने उम्मीद जताई कि इस बार भी किसानों को अच्छा मूल्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि एनडीए के विधायक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं और मुख्यमंत्री ने गन्ने का मूल्य तय करते समय किसानों के हितों का ध्यान रखने का भरोसा दिया है।
मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी विपक्ष पर हमला
जयंत चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने इसे दिखावा बताते हुए कहा कि वहां लोकसभा जैसा माहौल बनाने के लिए कालीन, फर्नीचर और बैकड्रॉप लगाया गया था। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को भी इसमें शामिल किया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को ऐसी गतिविधियां अपने बगीचे में ही करनी चाहिए। जयंत चौधरी ने विपक्ष की तुलना ऐसे बच्चे से की, जो क्रिकेट में आउट होने के बाद भी अपनी हार स्वीकार नहीं करता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी संविधान और आरक्षण खत्म होने की बात करता है तो कभी चुनाव में हार के बाद चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने लगता है।








