
पंजाब: आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीदवारों के चयन को लेकर दिल्ली में पार्टी की बैठक हुई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जानकारी दी कि विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची शनिवार, 31 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे जारी की जाएगी।
बताया जा रहा है कि पार्टी टिकट बंटवारे में उन नेताओं को प्राथमिकता देने पर विचार कर रही है, जो पहले दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे कई नेताओं को लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है।
पंजाब में AAP के 94 विधायक
117 सीटों वाली पंजाब विधानसभा में फिलहाल आम आदमी पार्टी के 94 विधायक हैं। पार्टी इस बार भी दूसरे दलों से पहले अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने की तैयारी में है। पिछले चुनावों में भी AAP ने अपने प्रत्याशियों के नाम पहले घोषित किए थे।
महिला मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान
आम आदमी पार्टी एक नवंबर से महिला मतदाताओं के बीच विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत पार्टी की महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अभियान में मावां-धीयां सत्कार योजना समेत सरकार की योजनाओं और कामकाज की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। पार्टी का मकसद महिला मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाना है।
सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त करने की तैयारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान भी चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। वह अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोक मिलनी कार्यक्रम कर रहे हैं। इसके अलावा पार्टी आने वाले दिनों में पंजाब में बड़ी रैलियां आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इनमें दिल्ली के वरिष्ठ नेता भी शामिल हो सकते हैं।
AAP की ओर से सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त किए जा रहे हैं। पार्टी ने सेक्टर स्तर पर भी प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की है, ताकि मतदाताओं से सरकारी योजनाओं और पार्टी के कामकाज को लेकर फीडबैक लिया जा सके।
बताया जा रहा है कि यह फीडबैक रोजाना पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाया जा रहा है। इससे चुनाव से पहले अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
महिला, युवा और व्यापार विंग में नियुक्तियां
पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए अलग-अलग विंगों में पदाधिकारियों की नियुक्तियां भी की जा रही हैं। महिला, युवा और व्यापार विंग के अलावा नशा मुक्ति मोर्चा में भी बड़ी संख्या में पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
इन सभी पदाधिकारियों को जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और लोगों के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।








