
“फर्रुखाबाद में CM योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। पुलिस लाइन में बाढ़ पीड़ितों से संवाद के दौरान 995 लोगों को राहत सामग्री और घर बहने से प्रभावित 31 परिवारों को पट्टा अभिलेख दिए।“
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए लगाए गए राहत शिविर में पहुंचकर प्रभावित लोगों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने 995 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की, जबकि बाढ़ में घर बह जाने से प्रभावित 31 परिवारों को पट्टा अभिलेख सौंपे।
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर गुरुवार दोपहर करीब 11:58 बजे पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरा। हवाई सर्वेक्षण के बाद उन्होंने करीब 12:06 बजे पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में बनाए गए राहत शिविर का रुख किया। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से उनकी समस्याएं जानीं और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर लिया जायजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ऊपर से गुजरा। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की स्थिति और जलभराव वाले इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के बाद उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर पहुंचा।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। अधिकारियों ने उन्हें जिले में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री के बारे में जानकारी दी।
राहत शिविर में पीड़ितों से मिले सीएम
पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में जिला प्रशासन की ओर से राहत शिविर बनाया गया था। मुख्यमंत्री यहां सीधे बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राहत सामग्री का वितरण भी किया। कुल 995 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। वहीं, बाढ़ के कारण जिन परिवारों के मकान बह गए हैं, उनमें से 31 परिवारों को पट्टा अभिलेख सौंपे गए।
पट्टा अभिलेख दिए जाने को बाढ़ से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे प्रभावित परिवारों को दोबारा घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
31 परिवारों को घर बहने के बाद मिला पट्टा
बाढ़ के कारण कई परिवारों के सामने घर और जमीन से जुड़ी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए 31 लोगों को पट्टा अभिलेख वितरित किए।
इस दौरान प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिलाया गया कि राहत और पुनर्वास से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री और सरकारी सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है।
10 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में बड़ा वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया था। जिला प्रशासन की ओर से यहां 10 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम में आने वाले लोगों के वाहनों के लिए जिले में 12 अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे।
भारी वर्षा के कारण बदला गया था कार्यक्रम स्थल
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए पहले इटावा-बरेली हाईवे पर रामगंगा पुल और डबरी गांव के बीच स्थल का चयन किया गया था। हालांकि, भारी वर्षा के कारण प्रस्तावित स्थल पर जलभराव हो गया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल को जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
मंगलवार को कार्यक्रम स्थल में बदलाव तय होने के बाद जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी थीं। कम समय में आयोजन स्थल को तैयार करने के लिए प्रशासनिक अमले ने दिन-रात काम किया।
रातोंरात तैयार की गई इंटरलॉकिंग सड़क
पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सिविल लाइंस मड़ैया तिराहा से पुलिस लाइन मैदान तक इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया। रातोंरात सड़क तैयार करने के साथ पूरे मैदान की सफाई कराई गई।
कार्यक्रम के लिए लखनऊ की संस्था की ओर से विशाल वाटरप्रूफ पंडाल भी तैयार कराया गया। बारिश की संभावना को देखते हुए पंडाल की व्यवस्था इस तरह की गई थी कि कार्यक्रम में आने वाले बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन ने युद्धस्तर पर की तैयारियां
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन कई दिनों से तैयारियों में जुटा था। कार्यक्रम स्थल बदलने के बाद अधिकारियों के सामने कम समय में नई जगह पर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की चुनौती थी। इसके बावजूद पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में राहत शिविर, पंडाल, सड़क, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति से भी उन्हें अवगत कराया गया। बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद के जरिए मुख्यमंत्री ने जमीनी स्थिति को समझने की कोशिश की।
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