“INDIA Bloc Meeting 2026: नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की अहम बैठक हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महंगाई, विदेश नीति, बेरोजगारी और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों को उठाते हुए विपक्षी एकता पर जोर दिया।“
नई दिल्ली। विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित हुई। बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), राष्ट्रीय जनता दल, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कई सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। हालांकि तमिलनाडु की प्रमुख पार्टियां डीएमके और टीवीके इस बैठक से दूर रहीं, जिससे गठबंधन के भीतर मतभेदों की चर्चा भी तेज हो गई।

बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, विदेश नीति और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

खरगे ने कहा कि देश इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है और विपक्षी दलों की जिम्मेदारी है कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति देशहितों की अपेक्षा समझौतावादी रही है। साथ ही मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए विपक्ष को एकजुट रहना होगा।

उन्होंने संसद में विपक्षी दलों के समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि INDIA गठबंधन ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर एकजुट होकर सरकार को चुनौती दी है। उन्होंने सभी सहयोगी दलों से आपसी मतभेदों को भुलाकर साझा राजनीतिक एजेंडे पर आगे बढ़ने की अपील की।
बैठक के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने भी विपक्षी एकता को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से असहमति रखने वाले दलों को एक मंच पर लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पवार ने संकेत दिया कि गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय और साझा रणनीति पर विशेष जोर दिया जाएगा।

बैठक से पहले एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने देश में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों का मुद्दा उठाया। वहीं वामपंथी दलों के नेताओं ने गठबंधन को मजबूत बनाए रखने के लिए कांग्रेस से अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।
दूसरी ओर, भाजपा ने बैठक पर तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर एकजुटता की कमी साफ दिखाई दे रही है। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने दावा किया कि कई सहयोगी दल बैठक से दूरी बना रहे हैं और INDIA गठबंधन अब केवल कांग्रेस केंद्रित मंच बनकर रह गया है।

बैठक के दौरान राहुल गांधी को निशाना बनाकर लगाए गए कुछ पोस्टरों को दिल्ली युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हटाया। वहीं संविधान क्लब के बाहर और अंदर राजनीतिक गतिविधियां पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रहीं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हाल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद गठबंधन के भीतर उभरे मतभेदों को दूर करना इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य माना जा रहा है। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव 2029 की रणनीति, विपक्षी एकता और साझा राजनीतिक अभियान को लेकर लिए जाने वाले फैसलों पर सभी की नजर बनी हुई है।
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