“Share Market Today: कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट बढ़ गई। Nifty 24400 के नीचे फिसला, जबकि Bank Nifty भी कमजोर रहा।“
नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही, लेकिन कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली हावी हो गई। Nifty 50 24400 के स्तर से नीचे फिसल गया। वहीं, Bank Nifty भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से बाजार की चिंता बढ़ी है। दूसरी ओर, मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में Nifty Metal इंडेक्स एक फीसदी से अधिक मजबूत रहा।
ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेत
वैश्विक बाजारों से भारतीय बाजार को स्पष्ट दिशा नहीं मिली। अमेरिकी डाउ फ्यूचर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि एशियाई बाजारों में हल्की खरीदारी दिखाई दी। हालांकि, हेंगसेंग इंडेक्स में करीब 283 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
14 शेयरों में तेजी, 36 में बिकवाली
शुरुआती कारोबार में Nifty 50 का एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 14:36 रहा। यानी 14 शेयरों में तेजी, जबकि 36 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
निफ्टी के प्रमुख गेनर्स में हिंडाल्को, नेस्ले इंडिया, ग्रासिम, बजाज ऑटो और ONGC शामिल रहे। दूसरी ओर बजाज फिनसर्व, इंडिगो, मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल्स प्रमुख कमजोर शेयरों में रहे।
खबरों और तिमाही नतीजों वाले शेयरों पर नजर
बुधवार के कारोबार में बाटा इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, टेनेको क्लीन एयर इंडिया, BEML, लार्सन एंड टुब्रो, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और GV इलेक्ट्रिकल्स जैसे शेयर खबरों और तिमाही नतीजों के कारण फोकस में हैं।
मणप्पुरम फाइनेंस का पहली तिमाही का मुनाफा चार गुना से अधिक बढ़कर ₹584.6 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम भी 28.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1,723.7 करोड़ पहुंच गई। हालांकि, नतीजों के बाद शेयर में कमजोरी देखने को मिली।
आज इन कंपनियों के आएंगे Q1 रिजल्ट
12 अगस्त को टाटा मोटर्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, GMR एयरपोर्ट्स, IRCTC, ज्योति लैब्स, नेशनल फर्टिलाइजर्स, पेट्रोनेट LNG, सन टीवी नेटवर्क, VIP इंडस्ट्रीज और यात्रा ऑनलाइन के तिमाही नतीजे आने हैं।
इन कंपनियों के नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में आगे होने वाले उतार-चढ़ाव का असर कारोबारी सत्र के दौरान संबंधित शेयरों के साथ व्यापक बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।








