ब्रिक्स प्रतिनिधियों को भाया ताज का दीदार, संगमरमर की नक्काशी और स्थापत्य कला देख हुए मंत्रमुग्ध

'ब्रिक्स-इंडिया 2026' सम्मेलन के दूसरे दिन विदेशी प्रतिनिधियों ने किया ताजमहल का भ्रमण, यूपी सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र की उपलब्धियों और निवेश संभावनाओं का किया प्रदर्शन

BRICS-India 2026 सम्मेलन के दौरान आगरा पहुंचे ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने ताजमहल का भ्रमण किया। उत्तर प्रदेश के MSME सेक्टर, ODOP योजना, निर्यात और निवेश मॉडल की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

आगरा। ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने शनिवार सुबह विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार किया। संगमरमर पर की गई बारीक पच्चीकारी, अद्भुत स्थापत्य कला और मुगलकालीन वास्तुकला की भव्यता को देखकर विदेशी मेहमान मंत्रमुग्ध हो गए। प्रतिनिधियों ने ताजमहल परिसर में भ्रमण कर इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जाना तथा स्मृति के रूप में तस्वीरें भी खिंचवाईं।

ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की बैठक में भाग लेने के लिए विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधिमंडल इन दिनों ताजनगरी आगरा में मौजूद हैं। दो दिवसीय ‘ब्रिक्स-इंडिया 2026’ सम्मेलन के तहत शनिवार को प्रतिनिधियों को आगरा की ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण कराया गया, जिसमें ताजमहल प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा।

आगरा बना वैश्विक व्यापारिक संवाद का केंद्र

ताजगंज स्थित ताज कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘ब्रिक्स-इंडिया 2026’ सम्मेलन के पहले दिन शुक्रवार को ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की बैठक का आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत सहित ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सहयोग, निवेश और व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के एमएसएमई क्षेत्र की उपलब्धियों, निवेश-अनुकूल नीतियों और निर्यात क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया। योगी सरकार ने प्रदेश को एमएसएमई और निर्यात का मजबूत केंद्र बताते हुए विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास किया।

उत्तर प्रदेश बन रहा एमएसएमई की राजधानी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश की एमएसएमई राजधानी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो लगभग 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार एमएसएमई क्षेत्र को केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सबसे महत्वपूर्ण आधार मानती है। सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में उद्योगों और उद्यमिता को नई गति मिली है।

ब्रिक्स देशों के साथ बढ़ रहा व्यापारिक संबंध

भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश और ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के साथ प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा है।

प्रदेश से मशीनरी, रेडीमेड परिधान, चमड़ा उत्पाद, कालीन, हस्तशिल्प और बहुमूल्य पत्थरों का निर्यात दुनिया के कई देशों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है और भविष्य में यह और मजबूत होगी।

ओडीओपी योजना ने दिलाई वैश्विक पहचान

मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना ने स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 20 हजार से अधिक लाभार्थियों को करीब 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी उपलब्ध कराई गई है, जिससे 3.16 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। वहीं ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के माध्यम से 4.41 लाख से अधिक पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है।

युवा उद्यमियों को मिल रहा बिना गारंटी ऋण

प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (सीएम युवा) की चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि इसके तहत युवाओं को बिना गारंटी के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अगले दस वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना करना है।

इसके अतिरिक्त ‘प्लेज (PLEDGE) योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के 12 जिलों में एमएसएमई पार्कों की स्वीकृति दी गई है, जिससे उद्योगों को आधुनिक आधारभूत सुविधाएं और बेहतर कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने रखी भविष्य की रूपरेखा

सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री Jitan Ram Manjhi की उपस्थिति में हुआ। उन्होंने देश में एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को लेकर केंद्र सरकार की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि भारत का एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और ब्रिक्स देशों के साथ सहयोग से इस क्षेत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी।

ताजमहल ने छोड़ी अमिट छाप

सम्मेलन के औपचारिक सत्रों के बाद शनिवार को विदेशी प्रतिनिधियों ने Taj Mahal का भ्रमण किया। ताजमहल की भव्यता, सफेद संगमरमर पर की गई कलाकारी और इसकी ऐतिहासिक विरासत ने प्रतिनिधियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। कई प्रतिनिधियों ने इसे भारतीय संस्कृति, कला और वास्तुकला का अद्भुत प्रतीक बताते हुए इसकी सराहना की।

ब्रिक्स प्रतिनिधियों का यह दौरा न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बना, बल्कि आगरा और उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान को भी नई मजबूती देने वाला साबित हुआ।

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