“तहसीलदार Rekha Sharma को DM पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद हटाकर Lucknow स्थित राजस्व परिषद से अटैच किया गया। जांच लखनऊ कमिश्नर करेंगे।“
लखनऊ/फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। फिरोजाबाद के जिलाधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाली तहसीलदार रेखा शर्मा को उनके पद से हटाकर राजस्व परिषद के लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
आरोपों के बाद प्रशासनिक कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, तहसीलदार रेखा शर्मा ने जिलाधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद शासन स्तर पर तत्काल निर्णय लेते हुए उन्हें वर्तमान तैनाती से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
DM पद पर बरकरार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जिलाधिकारी फिलहाल अपने पद पर बने हुए हैं। शासन ने उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के आदेश जरूर दिए हैं, लेकिन जांच पूरी होने तक कोई प्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं की गई है।
कमिश्नर करेंगे जांच
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए लखनऊ मंडल के कमिश्नर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
इस फैसले के बाद प्रशासनिक हलकों में कई सवाल उठ रहे हैं—
- आरोप लगाने वाले अधिकारी पर पहले कार्रवाई क्यों?
- जांच पूरी होने से पहले यह कदम क्या संदेश देता है?
हालांकि, शासन का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी।
फिरोजाबाद प्रकरण ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी।
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