
US Midterm Election Results 2026 : अमेरिका के 2026 के मध्यावधि चुनावों में डोनल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगता दिखाई दे रहा है। शुरुआती चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बढ़त बना ली है। अगर ये आंकड़े अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो अमेरिकी संसद का नियंत्रण डेमोक्रेट्स के हाथों में जा सकता है।
अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं। इन चुनावों में सिर्फ संसद की सीटों पर कब्जे की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह भी तय होगा कि ट्रंप अपने कार्यकाल के बाकी समय में कितनी मजबूती से फैसले ले पाएंगे।
इस बार प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों, सीनेट की 35 सीटों और 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए चुनाव हुए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने की कोशिश में जुटी है। टेक्सस, कंसास, मिशिगन और ओहायो जैसे राज्यों में भी मुकाबला काफी दिलचस्प रहा।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स आगे
दोपहर 3 बजे तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, 435 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी 231 सीटों पर आगे या जीत दर्ज कर चुकी थी। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी के खाते में 139 सीटें थीं। प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है।
सीनेट में भी डेमोक्रेट्स की बढ़त
सीनेट की 100 सीटों में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने बढ़त बनाई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स को 54 सीटें मिलीं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 44 सीटों पर थी। हालांकि, अलास्का और मिसिसिपी की सीटों पर मुकाबला कड़ा होने के कारण नतीजों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं थी।
अलास्का में रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मैरी पेल्टोला के बीच मुकाबला बताया गया। वोटों की गिनती पूरी होने में समय लगने की संभावना जताई गई।
बराक ओबामा ने दी प्रतिक्रिया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि जनता ने साफ संदेश दिया है। उनके मुताबिक, अमेरिकी लोग बांटने वाली राजनीति के बजाय लोगों को जोड़ने और समस्याओं का समाधान करने वाली राजनीति चाहते हैं।
ओबामा ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों के साथ चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने में जुटे अधिकारियों और स्वयंसेवकों का भी आभार जताया।
उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा प्रशासन के कार्यकाल में अभी दो साल बाकी हैं। ऐसे में डेमोक्रेट्स को बदलाव के लिए काम करना होगा, संभावित नुकसान को रोकना होगा और भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करना होगा।
भारतवंशी रो खन्ना ने फिर जीता चुनाव
डेमोक्रेटिक पार्टी के भारतवंशी नेता रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया है। इस जीत के साथ उन्होंने एक बार फिर अपनी सीट पर कब्जा बरकरार रखा है।
वहीं, नेवादा के तीसरे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार सूसी ली ने भी जीत हासिल की। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार मार्टी ओ’डोनेल को हराकर पांचवां कार्यकाल हासिल किया।
ईरान ने भी चुनाव नतीजों पर दी प्रतिक्रिया
अमेरिकी चुनावों के नतीजों पर ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालीबाफ ने कहा कि अमेरिकी जनता ने ईरान के साथ युद्ध को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
उन्होंने अमेरिकी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान पर नए हमलों से बचना चाहिए और जनता की इच्छा का सम्मान करना चाहिए।
ट्रंप प्रशासन के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अगर डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लेती है, तो ट्रंप प्रशासन के लिए आगे के फैसले लेना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। संसद में विपक्ष की मजबूत मौजूदगी से सरकार के विधायी एजेंडे, बजट और नीतिगत फैसलों पर असर पड़ सकता है।
इन नतीजों को ट्रंप की राजनीतिक पकड़ की बड़ी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अंतिम तस्वीर मतगणना पूरी होने और आधिकारिक नतीजे घोषित होने के बाद ही साफ होगी।








