राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच शेषावतार मंदिर पर होगा धर्म ध्वजारोहण, बदली गई जिम्मेदारियां

23 जून को आयोजित समारोह की जिम्मेदारी ट्रस्ट के नए पदाधिकारियों को, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अतिथियों की संख्या भी घटाई गई

अयोध्या राम मंदिर परिसर स्थित शेषावतार मंदिर के शिखर पर 23 जून 2026 को धर्म ध्वजारोहण होगा। चढ़ावा और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के बीच ट्रस्ट ने समारोह की जिम्मेदारी नए पदाधिकारियों को सौंपी है। जानिए आयोजन से जुड़ी पूरी जानकारी।

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के बीच मंगलवार, 23 जून को राम मंदिर परिसर स्थित शेषावतार मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज का आरोहण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन हालिया विवादों के कारण कार्यक्रम की रूपरेखा में कुछ बदलाव भी किए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख पदाधिकारियों को इस आयोजन की व्यवस्थाओं से दूर रखा गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र तथा विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल जी राव इस समारोह के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते नजर नहीं आएंगे। उनकी जगह ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी और ट्रस्ट सदस्य एवं निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास को कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विवाद के साये में हो रहा आयोजन

राम मंदिर में चढ़ावे के कथित घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच वर्तमान में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। ऐसे समय में शेषावतार मंदिर पर ध्वजारोहण का आयोजन विशेष महत्व रखता है। माना जा रहा था कि राम मंदिर परिसर में यह अंतिम प्रमुख धार्मिक समारोह होगा, जिसके चलते इसे भव्य स्वरूप देने की तैयारी की गई थी।

हालांकि विवाद सामने आने के बाद आयोजन के स्वरूप में बदलाव करना पड़ा। पहले जहां लगभग पांच हजार विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित करने की योजना थी, वहीं अब अतिथियों की संख्या में उल्लेखनीय कटौती की गई है।

उपमुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मुख्य अतिथि तथा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। दोनों नेताओं की उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है।

आज अयोध्या पहुंचेंगे गोविंद देव गिरी

जानकारी के मुताबिक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी सोमवार को अयोध्या पहुंचकर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का अंतिम निरीक्षण करेंगे। वहीं महंत दिनेंद्र दास पहले से अयोध्या में मौजूद हैं और आयोजन की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि 19 जून को मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे के दौरान महंत दिनेंद्र दास ने ही उन्हें रामलला के दर्शन और पूजन की व्यवस्था कराई थी। ट्रस्ट की ओर से दोनों पदाधिकारियों से समारोह की कमान संभालने का अनुरोध किया गया था।

परकोटा के अन्य मंदिरों पर पहले ही फहराई जा चुकी है ध्वजा

राम मंदिर परिसर के परकोटा क्षेत्र में स्थित भगवान गणेश, सूर्य देव, माता अन्नपूर्णा, माता भगवती, हनुमान मंदिर और शिव मंदिर के शिखरों पर धर्म ध्वजा का आरोहण पहले ही किया जा चुका है। अब शेषावतार मंदिर पर ध्वजारोहण के साथ इस धार्मिक श्रृंखला का महत्वपूर्ण चरण पूरा होगा।

मोबाइल और शस्त्र ले जाने पर प्रतिबंध

समारोह में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं और आमंत्रित अतिथियों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया है। आयोजकों के अनुसार सभी लोगों को शाम चार बजे से पांच बजे के बीच परिसर में प्रवेश करना होगा।

सुरक्षा कारणों से किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन, शस्त्र या अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश के दौरान बहुस्तरीय जांच की जाएगी।

धार्मिक आयोजन पर टिकी निगाहें

राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों के बीच आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम पर धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों की विशेष नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि शेषावतार मंदिर पर धर्म ध्वज का आरोहण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रस्ट की गतिविधियों और व्यवस्थाओं को लेकर भी कई संदेश देगा।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button